Networking Devices क्या हैं? (Networking Devices in Hindi)
आज के समय में लगभग हर घर, ऑफिस, स्कूल, कॉलेज और कंपनी में कंप्यूटर नेटवर्क का उपयोग किया जाता
है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अलग-अलग कंप्यूटर और मोबाइल आपस में कैसे
जुड़ते हैं?
इसका उत्तर है Networking Devices.
Networking Devices वे हार्डवेयर उपकरण होते हैं जो नेटवर्क के विभिन्न
कंप्यूटरों, सर्वरों, मोबाइल डिवाइस और अन्य उपकरणों को आपस में जोड़ते हैं तथा डेटा का सुरक्षित और
तेज़ आदान-प्रदान सुनिश्चित करते हैं।
यदि आप Computer Network, CCC, O Level, BCA, B.Tech, Polytechnic,
Competitive Exams या Interview की तैयारी कर रहे हैं, तो Networking
Devices का ज्ञान आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Networking Devices क्या हैं?
Networking device वे Equipment
(उपकरण) होते है जिनके द्वारा दो या दो
से अधिक कंप्यूटर या नेटवर्क को आपस में Connect किया जाता है. जिससे कि वे आपस में एक-दूसरे के साथ
डेटा Share कर सकें
तथा कम्युनिकेशन कर सकें।
Networking Devices की आवश्यकता
Networking Devices की आवश्यकता निम्न कारणों से होती है—
- कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने के लिए
- इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए
- डेटा शेयर करने के लिए
- प्रिंटर एवं अन्य संसाधन साझा करने के लिए
- नेटवर्क की स्पीड बढ़ाने के लिए
- नेटवर्क की सुरक्षा बनाए रखने के लिए
- बड़े नेटवर्क को व्यवस्थित करने के लिए
Networking Devices के प्रकार (Types of Networking Device)
मुख्य Networking Devices निम्नलिखित हैं—
- Repeater
- Hub
- Switch
- Bridge
- Router
- Gateway
- Network Interface Card (NIC)
- Modem
Repeater
यह एक नेटवर्किंग
डिवाइस है जो कि डेटा सिग्नल को Receive करता है और उस सिग्नल को Regenerate तथा Replicate करके आगे भेज देता है । यह OSI
मॉडल के physical layer लेयर पर कार्य करता है। यह डिजिटल
तथा एनालॉग दोनों प्रकार के सिग्नलों को replicate तथा regenerate कर सकता है।
Hub
Hub एक Networking
Device है जिसका प्रयोग
बहुत सारें कंप्यूटरों या Networking Device को एक साथ जोड़ने के लिए किया जाता है. यह OSI मॉडल के Physical Layer लेयर पर कार्य करता है। Star
Topology में कंप्यूटर को
जोड़ने के लिए Hub का प्रयोग
किया जाता है। Hub का उपयोग एक और Hub, Switch, Bridge या Router को जोड़ने के लिए भी किया जा सकता है।
Switch
Switch एक नेटवर्किंग
डिवाइस है जो कि नेटवर्क डिवाइसों तथा सेगमेंट्स को आपस में जोड़ता है. इसे Multiport
Bridge भी कहते है यह OSI model के डेटा लिंक लेयर पर कार्य करता है। लेकिन आजकल ऐसे
Switch भी आ गये है जो कि OSI Model के नेटवर्क लेयर पर कार्य करते है।
Bridge
Bridge एक Networking Device है, जिसका उपयोग दो LAN Segment को जोड़ने के लिए किया जाता है। Bridge का उपयोग एक बड़े Network को छोटे-छोटे Network में बाँटने के लिए भी किया जाता है।
यह OSI Module के Data Link Layer पर काम करते हैं।
Router
Router एक Inter-Networking Device है, जो कि दो या दो से अधिक Network को आपस में जोड़ती है। Router Data Packet भेजने से पहले Rout निर्धारित करता है और सबसे छोटे
Rout से Data Packet भेजता है। यह OSI Module के Network Layer पर काम करता है।
Gateway
Gateway का उपयोग दो अलग प्रकार के Network को जोड़ने के लिए किया जाता है।
Gateway Hardware – Software या Hardware और Software दोनों में हो सकता है। ज्यादातर Gateway का Use Router में Software के रूप में Install करके किया जाता है। Gateway
OSI Module के Transport
Layer पर काम करता है।
Network Interface Card (NIC)
Network Interface Card हमारे PC को Other PC के साथ Communicate करने की Permission देता है। एक NIC
Card Parallel Data Stream को Serial Data Stream में और Serial Data Stream को Parallel
Data Stream में Change करता है। NIC Card
को Network Adapter Card,
Ethernet Card और LAN Card भी कहते
हैं। यह OSI Module की Data
Link Layer तथा Physical
Layer पर काम करता है।
Modem
Computer को Internet से Connect करने के लिए Modem की जरूरत होती है। Modem
Analog Signal को Digital
Signal में और Digital
Signal को Analog
Signal में Convert करता है। Analog
Signal को Digital
Signal में Convert करने की Process को Demodulation कहते हैं और Digital Signal को Analog Signal में Convert करने की Process को Modulation कहते हैं।
Types of Modem-
- External Modem
- Internal Modem
Networking Devices के उपयोग
- Internet Access
- File Sharing
- Printer Sharing
- Cloud Computing
- Video Conference
- Online Education
- Banking
- CCTV Network
- Smart Home
- Data Center
Networking Devices के लाभ
- तेज़ Communication
- बेहतर Security
- Resource Sharing
- High Performance
- Reliable Network
- Cost Saving
- Easy Expansion
- Remote Access
Networking Devices के नुकसान
- Installation Cost
- Maintenance की आवश्यकता
- Configuration कठिन हो सकती है
- Security Risk यदि सही Configuration न हो
Networking Devices के वास्तविक उदाहरण
- घर का Wi-Fi Router
- Office Switch
- ISP का Modem
- Company Firewall
- Wi-Fi Access Point
- Data Center Gateway
- LAN Switch
- Fiber Repeater
निष्कर्ष
Networking Devices किसी
भी कंप्यूटर नेटवर्क की रीढ़ (Backbone) हैं। Hub, Switch, Router, Modem, Bridge,
Repeater, Gateway, Access Point, Firewall और NIC जैसे उपकरण
नेटवर्क को तेज़, सुरक्षित
और विश्वसनीय बनाते हैं। यदि आप Computer Networking सीखना चाहते हैं या किसी प्रतियोगी परीक्षा की
तैयारी कर रहे हैं, तो इन
सभी Networking Devices की
कार्यप्रणाली और उपयोग को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
