Website Address और URL क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में | URL के प्रकार, भाग, उदाहरण
जब भी
आप किसी वेबसाइट को खोलते हैं, जैसे https://www.upcisstech.com,
तो ब्राउज़र के एड्रेस बार (Address
Bar) में दिखाई देने
वाले लिंक को Website Address या URL (Uniform
Resource Locator) कहा
जाता है। यह इंटरनेट पर किसी वेबसाइट, वेब पेज या अन्य ऑनलाइन संसाधन (Resource) का यूनिक पता (Unique Address) होता है।
यदि
इंटरनेट को एक बड़े शहर की तरह मानें, तो Website Address या URL उस शहर में किसी घर का पता (Address) है, जिसकी मदद से ब्राउज़र सही वेबसाइट तक पहुँचता
है।
Website Address क्या है
Website Address - Web Address या Domain Name किसी Specific File, Directory या Website के Page का एक Address होता है। जैसे- https://www.upcisstech.com इसे URL भी कहा जाता है। आमतौर पर Website का Address
Website के Home
Page को Represent करता है। किसी भी Website का Address
Protocol, Domain Name के साथ
शुरू होता है, और Domain
Type के साथ Finished होता है।
सरल
शब्दों में, Website Address वह पता
है जिसकी सहायता से हम इंटरनेट पर किसी वेबसाइट तक पहुँचते हैं।
उदाहरण
यदि आप
इनमें से किसी भी वेबसाइट का पता ब्राउज़र में टाइप करते हैं, तो संबंधित वेबसाइट खुल जाती है।
Website Address के उपयोग
- वेबसाइट खोलने के लिए
- Web Page साझा करने के लिए
- SEO में
- Online Services का उपयोग करने के लिए
- Email और Web Applications में
- Online Shopping Websites तक पहुँचने के लिए
Uniform Resource Locator (URL) क्या है
URL का पूरा
नाम Uniform Resource Locator है। यह एक Address होता है जिसका इस्तेमाल इंटरनेट में Website
या Web Page को Access करने के लिए किया जाता है। URL का अविष्कार सन् 1994 में Tim Berners-Lee ने किया था. इसलिए Tim
Berners-Lee को URL का जनक भी कहा जाता है।
Types of URL
यूआरएल के दो प्रकार होते हैं:-
Absolute URL
Absolute URL में Internet पर Files को Search करने के लिए आवष्यक सभी Information होती है। इसमें Protocol,
Host-name, Folder-name और File का नाम होता है।
जैसे- https://www.upcissprime.com/cccNotes.html
Relative URL
Relative URL में आमतौर पर केवल Folder-name और File-name या सिर्फ File-name होता है। हम Relative URL का Use तब कर सकते हैं,
जब हम उसी File या उसी Server पर स्थित (Located)
File पर मौजूद (Present)
हों। Relative URL में Browser को Server-name या Protocol-name की आवष्यकता (Requirement)
नही होती है।
जैसे- ccctest/cccNotes.html
URL की विशेषताएँ
- प्रत्येक URL यूनिक होता है।
- इंटरनेट पर किसी संसाधन का पता बताता है।
- Browser द्वारा आसानी से पढ़ा जा सकता है।
- SEO में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- वेबसाइट को खोजने में सहायता करता है।
- HTTPS होने पर अधिक सुरक्षित होता है।
World Wide Web (WWW) क्या है?
World Wide Web Internet का वह हिस्सा है जिसमें Website और Web-page ‘kkfey हैं। इसका
अविश्कार 1989 में Tim
Berners-Lee ने Cern-Geneva,
Switzerland (सर्न-जिनेवा]
स्विट्जरलैंड) में किया था। यह मूल रूप
से Internet Server का एक System है जो Specially Formatted Document को Support करता है। इसमें Document को एक Markup
Language में Format किया जाता है] जिसे Hyper Text Markup
Language (HTML) कहते हैं] जो दूसरे Document के साथ-साथ Graphics,
Audio और Video
Files को Support करता है। WWW मूल रूप से दुनिया भर में वितरित
लाखों Server वाला एक Large-Client-Server System है। WWW को W3 या Web भी कहा जाता है। यह एक Informational
Space है। यहाँ पर HTML
Document और Web
Resource को Uniform
Resource Locators (URL)के Through
identify किया जाता है जहाँ HTML
Document Hyperlink के जरिए आपस में जुड़े रहते हैं। इन Web Document को हम Internet के Through
Access करते हैं।
WWW का Full Form
WWW = World Wide Web
World Wide Web का इतिहास
World Wide Web का
आविष्कार Tim Berners-Lee ने 1989 में किया था, जब वे CERN में कार्यरत थे।
उन्होंने
वेब पर जानकारी साझा करने के लिए तीन महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास किया:
- HTML (HyperText Markup Language) – वेब पेज बनाने के लिए
- HTTP (HyperText Transfer Protocol) – डेटा का आदान-प्रदान करने के लिए
- URL (Uniform Resource Locator) – वेब पेज का पता बताने के लिए
Web Page
एक Web
Page आमतौर पर Hyper
Text Markup Language (HTML) में लिखा
गया एक Document होता है] जिसे हम
Internet के जरिए आसानी से देख सकते हैं। इस तरह के Web Page में Web Links का भी उपयोग किया जाता है]जिससे उसी Website के Other Pages या किसी दूसरे Website में भी जाया जा सकता है।
Domain Name
Domain Name या DNS
(Domain Naming System) एक ऐसा
Naming System है जिससे हम
किसी Website को Internet में identify कर सकते हैं। अधिकांष Organization (संगठन) Domain Name का उपयोग करते हैं जो याद रखना आसान है। प्रत्येक Domain
Name एक identifier (पहचानकर्ता) के साथ समाप्त होता है जो आपको
बताता है कि यह किस प्रकार की Website है।
Example-
Current Domain identifier
- com Commercial Business
- Edu Educational institutions
- gov Governmental Organizations
- net Internet Service Provider
- mil Military Site
- org Organizations
- arts Cultural and Entertainment Organization
- firm Businesses
- info Information Services
- nom Individuals Website
- rec Entertainment Related Organizations
- store Shops and Shops
- web Organizations Related to the World Wide Web
WWW की विशेषताएँ
- दुनिया भर की जानकारी तक आसान पहुँच।
- Hyperlink के माध्यम से वेब पेज आपस में जुड़े होते हैं।
- किसी भी Browser से उपयोग किया जा सकता है।
- Text, Image, Audio, Video और Animation का समर्थन करता है।
- 24×7 उपलब्ध रहता है।
- उपयोग में सरल और तेज़।
World Wide Web के उपयोग
- जानकारी प्राप्त करना
- Online Education
- E-Commerce (Online Shopping)
- Online Banking
- Social Media
- News पढ़ना
- Video Streaming
- Email सेवाओं का उपयोग
- सरकारी सेवाएँ
- Blogging और Digital Marketing
WWW के लाभ
- जानकारी तुरंत उपलब्ध होती है।
- शिक्षा और शोध में उपयोगी।
- विश्वभर में संचार को आसान बनाता है।
- Online Business को बढ़ावा देता है।
- मनोरंजन और सीखने का अच्छा माध्यम है।
- समय और लागत की बचत होती है।
WWW की सीमाएँ
- गलत या भ्रामक जानकारी मिल सकती है।
- Cyber Security का खतरा।
- इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक है।
- Privacy संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
- Virus और Malware का जोखिम रहता है।
निष्कर्ष
Website Address और URL
इंटरनेट की मूलभूत अवधारणाओं में से
एक हैं। किसी भी वेबसाइट, वेब
पेज या ऑनलाइन संसाधन तक पहुँचने के लिए URL का उपयोग किया जाता है। यदि आप Web
Development, Blogging, SEO, Digital Marketing या Computer Fundamentals सीख रहे हैं, तो URL की संरचना, प्रकार और कार्यप्रणाली को समझना बहुत आवश्यक है।
सही और SEO-Friendly URL न केवल
उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी होता है, बल्कि Google Search Ranking में भी सकारात्मक योगदान देता है।

